तेनाली रामकृष्ण के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें-
‘विकटकवि’ के रूप में पहचाने जाने वाले तेनाली रामकृष्णा का जन्म 16वी सदी में माना जाता है। वे आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली गांव से संबंधित है। यही वजह थी कि उनका नाम भी तेनाली पड़ा। उनके पिता का नाम गरलापति रमय्या था जो कि रामलिंगेश्वर स्वामी मंदिर के पंडित थे। वहीं उनकी माता का नाम लक्ष्मम्मा था। बचपन में उनके पिता की मृत्यु हो गई जिसके बाद उनकी मां ने उनका पालन पोषण में किया। तेनाली रामकृष्णा ने बिना औपचारिक शिक्षा के ही तमिल, कन्नड़ और मराठी जैसे कई भाषाओं में ज्ञान हासिल किया। तेनाली रामकृष्ण भागवत मेला मंडली से जुड़े थे तथा इसके प्रदर्शन के दौरान ही उनकी मुलाकात विजयनगर के महाराज कृष्णदेव राय से हुई। तेनाली रामकृष्ण, कृष्णदेव राय के 8 कवियों (अष्टदिग्गजों) में से एक थे। दोनों की जोड़ी को अकबर और बीरबल की जोड़ी के समान माना जाता है। तेनाली द्वारा रचित पांडुरंग महामम्यं को 5 महाकाव्यों में शामिल किया गया है। कहा जाता है कि सांप के काटने से तेनालीराम की मृत्यु 1575 में हो गई थी। तेनाली रामकृष्ण के बारे में पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। – तेनाली रामकृष्ण की ज...