एडवोकेट और लॉयर को लेकर 10 महत्वपूर्ण बिंदु:-

 1 एडवोकेट वह व्यक्ति होता है जिसने कानून की पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा कर लिया हो और केस लड़ने में सक्षम हो। लॉयर वह व्यक्ति होता है जिसने अभी कानून की पढ़ाई पूरी न की हो तथा वह केस लड़ने में सक्षम न हो।

    2 जो व्यक्ति एडवोकेट बनने के इच्छुक होते है उन्हें कानून की डिग्री के साथ-साथ ऑल इंडिया बार काउंसिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना जरूरी होता है।

    3 ऑल इंडिया बार काउंसिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित परीक्षा को क्लीयर करने के बाद एक सनद दिया जाता है। जो कि अदालतों में अभ्यास करने की पात्रता का मानदंड होता है।

    4 हर लॉयर एक एडवोकेट नहीं होता परंतु हर एडवोकेट एक लॉयर होता है।

    5 बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया का काम होता है अधिवक्ताओं की गतिविधियों को नियंत्रित करना लेकिन यह वकीलों के आचरण को विनियमित नहीं करता।

    6 लॉयर के पास सिर्फ कानून की डिग्री होती है लेकिन न्यायालय में केस का अनुभव नहीं होता जबकि अधिवक्ताओं के पास डिग्री के साथ न्यायालय में केस लड़ने अनुभव होता है।

    7 वकील पूर्णकालिक रूप से शिक्षण कर सकते हैं लेकिन अधिवक्ता शिक्षण पूर्णकालिक रूप से नहीं कर सकते।

    8 एक अधिवक्ता केस लड़ने के लिए हायर किया जाता है वही दूसरी ओर एक वकील कानूनी परामर्शकर्ता के रूप में हायर किया जाता है। 

    9 एक अधिवक्ता को उच्च शिक्षा और अनुभव की वजह से वकील के मुकाबले ज्यादा शुल्क दिया जाता है। 

    10 वकील स्वयं किसी भी व्यवसाय को करने में सक्षम होते है। जबकि अधिवक्ता अन्य व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं हो सकते।

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