ट्रस्ट और सोसायटी को लेकर 10 महत्वपूर्ण बिंदु:-

 1. ट्रस्ट को भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 के अंतर्गत शासित किया जाता है। तो वही सोसाइटी को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है।

        2. ट्रस्ट डीड, ट्रस्ट के पंजीकरण के लिए जरूरी होता है। वही मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन सोसायटी के लिए जरूरी होता है।

        3. 15 से 20 दिन में ट्रस्ट का पंजीकरण किया जाता है। वही 20 से 25 दिन में सोसाइटी का पंजीकरण होता है।

        4.  सोसाइटी की लागत ट्रस्ट से ज्यादा होती है।

        5.  ट्रस्ट के गठन के लिए न्यूनतम 2 सदस्य की जरूरत होती है वही सोसाइटी के गठन के लिए न्यूनतम 7 सदस्य की आवश्यकता होती है।

        6.  डिप्टी रजिस्ट्रार व चैरिटी कमिश्नर के पास ट्रस्ट को पंजीकृत करने की शक्ति होती है। वही सोसाइटी के रजिस्ट्रार के पास सोसायटी के रजिस्ट्रेशन की शक्ति होती है।

        7.  ट्रस्ट पूरे देश में काम कर सकता है जबकि सोसाइटी जिस राज्य में पंजीकृत की जाती है उनका संचालन उसी राज्य में किया जाता है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत की गई सोसाइटी का काम-काज राष्ट्रीय स्तर पर होता है।

        8.  एक राष्ट्रीय समिति के गठन के लिए विभिन्न राज्यों से 8 सदस्यों को शामिल करना जरूरी होता है।

        9.  एक ट्रस्ट में परिवारिक सदस्यों को शामिल किया जा सकता है जबकि सोसाइटी में नहीं। 

        10.  ट्रस्ट में संपत्तियों का आयोजन ट्रस्टियों के नाम पर किया जाता है और सोसाइटी में सोसाइटी के नाम पर।

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