विशिष्ट शिक्षा और समावेशी शिक्षा को लेकर 10 महत्वपूर्ण बिंदु:-

  1 वे बच्चे जो अन्य सामान्य बच्चों से कुछ विशिष्ट विशेषताएं रखते हैं उन्हें विशेष छात्रों की श्रेणी में रखा जाता है।

    2 विशिष्ट बच्चे अन्य सामान्य बच्चों के मुकाबले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक रूप से भिन्न होते हैं।

    3 समाज में विशिष्ट बच्चों को भी सामान शिक्षा का अधिकार मिले इसीलिए विशिष्ट शिक्षा और समावेशी शिक्षा की संकल्पना सामने आई।

    4 समावेशी शिक्षा में एक दिव्यांग छात्र को सामान्य छात्र के साथ पढ़ाया जाता है।

    5 विशिष्ट शिक्षा में दिव्यांग छात्र की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए उन्हें पढ़ाया जाता है।

    6 समावेशी शिक्षा का कहना है कि विशिष्ट शिक्षा से छात्रों में भेदभाव और हीन भावना का जन्म होता है।

    7 विशिष्ट शिक्षा में दिव्यांग बालकों के लिए अलग स्कूल की व्यवस्था की जाती है। वही समावेशी शिक्षा में दिव्यांग बालकों को सामान्य बालकों के साथ पढ़ाया जाता है।

    8 विशेष शिक्षा में दिव्यांग बालकों की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। समावेशी शिक्षा में भी बालकों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध होती है।

    9 विशिष्ट शिक्षा में समावेशी शिक्षा के मुकाबले ज्यादा लागत लगती है।

    10 समावेशी शिक्षा में छात्रों में समानता के अधिकार पर बल दिया जाता है वहीं विशिष्ट शिक्षा, सभी छात्रों को शिक्षा का अधिकार दिए जाने का पक्षधर है।

पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें  - Special & Inclusive Education Difference

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