जीनोमिक्स और प्रोटियोमिक्स को लेकर 10 महत्वपूर्ण बिंदु:-

 1 जीनोमिक्स में जीव की एकल कोशिका में पाया जाने वाला डीएनए का पूरा सेट जीनोम कहलाता है। जीनोम जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें जीन की संरचना, कार्य, जीन मैपिंग तथा विकास आदि का अध्ययन किया जाता है।

    2 जीनोमिक्स 3 तरह के होते हैं जिनका नाम है संरचनात्मक जीनोमिक्स, कार्यात्मक जीनोमिक्स और तुलनात्मक जीनोमिक्स। 

    3 प्रोटियोमिक्स भी 3 तरह के होते हैं जिनका नाम है संरचनात्मक प्रोटियोमिक्स, कार्यात्मक प्रोटियोमिक्स और अभिव्यक्ति प्रोटियोमिक्स।

    4 किसी कोशिका में मौजूद प्रोटीन को प्रोटियोम कहा जाता है जब इस प्रोटियोम का अध्ययन किया जाता है तो इसे प्रोटियोमिक्स के नाम से जाना जाता है।

    5 प्रोटियोमिक्स के अध्ययन में कोशिका द्वारा उत्पादित प्रोटीन, प्रोटीन का निष्कर्षण, प्रोटीन डेटाबेस आदि का अध्ययन किया जाता है।

    6 प्रोटियोमिक्स शब्द का सबसे पहले उपयोग मार्क विलिंक्स ने 1994 में किया।

    7 साल 1926 में जीनोम शब्द का प्रयोग किया गया वहीं साल 1949 में डॉक्टर टॉम रॉड्रिक ने जीनोमिक्स शब्द का इस्तेमाल किया।

    8 जिनोमिक्स और प्रोटियोमिक्स समानताएं यह है कि इन दोनों में ही जीवों का अध्ययन किया जाता है। 

    9 इन दोनों में ही उच्च थ्रूपुत तकनीक का प्रयोग किया जाता है।

    10 जीनोम का ज्ञान हासिल करके प्रोटियोम को समझा जा सकता है।

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